Showing posts with label 51- दिल के करीब. Show all posts
Showing posts with label 51- दिल के करीब. Show all posts

दिल के करीब

कोई तो है जो
दिल के आसपास रहता है सदा,
अपने अहसास,
अपनी उपस्थिति को
दर्शाता है सदा।
उसके पास होने का
अहसास मात्र ही
तन्हा नहीं होने देता है कभी,
नहीं होने देता है उदास,
न ही परेशान।
लगा रहता है.......मन में
सदा यही..........कि
उदासी का एक लम्हा ही
उदास कर जाएगा उसे भी,
जो है दिल के आसपास
अपनी याद के सहारे,
एक मीठे अहसास के सहारे।
पर..........इस मीठे अहसास के पीछे भी
एक दर्द है छिपा,
वह.........
बहुत पास होकर भी
बहुत दूर है अभी,
आंखों के सामने है फ़िर भी
हाथों की पहुँच से दूर है अभी।
आवाज़ उसकी, दिल तक हमारे पहुँचती है,
हवा में उड़-उड़ कर
उसकी खुशबू फैलती है।
अहसास के सहारे वह
रहता है आसपास
पर......
हकीकत में बहुत दूर है अभी।
लेकिन यही क्या कम है कि
यादों के सहारे ही सही,
अहसास के सहारे ही सही,
हवा में फैलती खुशबू के रूप में ही सही,
कोई है तो हमारा अपना
जो........
दूर होकर भी बहुत,
दिल के करीब है बहुत।

संग्रह की समस्त कवितायेँ

01 - मेरा भारत महान 02 - रहस्य जीवन का 03 - भूख 04 - इच्छाएँ 05 - बचपन की बेबसी 06 - सत्यता 07 - श्मशान 08 - कुदरत की रचना 09 - नारी के विविध रूप 10 - मानव 11 - याद तुम्हारी 12 - मानवता की आस में 13 - ऐ दिल कहीं और चलें 14 - अकाट्य सत्य 15 - कोई अपना न निकला 16 - उस प्यारे से बचपन में 17 - मेरा अस्तित्व 18 - मजबूरी 19 - डर आतंक का 20 - मौत किसकी 21 - जीवन सफर 22 - नारी 23 - सुनसान शहर की चीख 24 - एक ज़िन्दगी यह भी 25 - पिसता बचपन 26 - ग़मों का साया 27 - खामोशी 28 - तुम महसूस तो करो 29 - अपने भीतर से 30 - फूलों सा जीवन 31 - सत्य में असत्य 32 - स्वार्थमय सोच 33 - पत्र 34 - मानव-विकास 35 - यही नियति है? 36 - अंधानुकरण 37 - अन्तर 38 - वृद्धावस्था 39- जीवन-चक्र 40- आज का युवा 41-करो निश्चय 42- ज़िन्दगी के लिए 43- घर 44- अनुभूति 45- कलम की यात्रा 46- सुखों का अहसास 47- कहाँ आ गए हैं 48- किससे कहें... 49- आने वाले कल के लिए 50- तुम्हारा अहसास 51- दिल के करीब कविता संग्रह